Friday, July 9, 2010

अगरचे मुझे तुमसे प्यार न होता

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हर सिम्त मेरा दिल ये बेकरार न होता

हमदम अगरचे मुझे तुमसे प्यार न होता

 

कल अजनबी थे आज एक जान होँ जैसे

दोनों की अब तो एक ही पहचान हो जैसे

इतना हसीन तब तो ये संसार न होता

हमदम अगरचे मुझे तुमसे प्यार न होता

मेरी निगाहों मे तेरी तस्वीर बसी है

तुम ही खुशी हमारी तुमसे ही हंसी है

यूँ सुबहो शाम तेरा इन्तजार न होता

हमदम अगरचे मुझे तुमसे प्यार न होता

तुम आये मोहोब्बत से कायनात भर गयी

महके हुए जज्बातों की दुनिया संवर गयी

बिन तेरे चमन दिल का गुलज़ार ना होता

हमदम अगरचे मुझे तुमसे प्यार न होता

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10 comments:

  1. सुन्दर और कोमल रचना!!

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  2. सुंदर अभिव्‍यक्ति‍ !!

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  3. एहसास की बहुत खूबसूरत रचना

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  4. बिन तेरे चमन गुलज़ार न होता
    ये मौसम की रौनक ना होती
    खुशियों का अम्बार ना होता
    एक प्यार ना होता तो कुछ ना होता ...
    सुन्दर गीत ..!

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  5. कमाल की रचना
    बहुत ही अच्छी लगी

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  6. कोमल भावों की सुन्दर अभिव्यक्ति ।

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  7. बहुत खूब , बहुत सुंदर रचना ।

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  8. सुंदर अभिव्‍यक्ति‍ !!

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