Sunday, June 13, 2010

हम भी किस्मत का लिक्खा बदल डालते

तुम जो अपना नजरिया बदल डालते
हम भी किस्मत का लिक्खा बदल डालते 

साथ चलने को तेरे दिल राजी न होता
हम साथ चलने का फैसला बदल डालते

मौसमों की तुझे खबर भी ना मिलती
खौफ से घुटन के हम हवा बदल डालते

तुझ सा आता हमे जीने का गर हुनर
पता अपने मकां का हम बदल डालते

जिंदगी अपनी आसान हो जाती गर
हम जो हमारा मसला बदल डालते
                                (9/2/2010-अनु)

Posted via email from धड़कन

1 comment:

  1. मौसमों की तुझे खबर भी ना मिलती
    खौफ से घुटन के हम हवा बदल डालते

    तुझ सा आता हमे जीने का गर हुनर
    पता अपने मकां का हम बदल डालते

    जिंदगी अपनी आसान हो जाती गर
    हम जो हमारा मसला बदल डालते
    bahut sundar aur sahi prastuti ..aapke blog par aana sukhad raha .....samay nikaalkar pichhlai rachnaayein bhi padhta hoon ,,,,bahut shubhkaamaye ,,,,

    ReplyDelete

यूँ चुप न रहिये ... कुछ तो कहिये