Monday, April 29, 2013

इश्क




मै जानती हूँ लोगो की हकिकत सभी
ये जुबा है की कुछ भी कहती ही नहीं
 
दर्द है दिल में और दिल तडपता भी है
पर ये आंख है क्यों बरसती ही नहीं

दिल चाहता है सीने से लगलू तुझको 
पर करू क्या मुझे तुझपे यकीं ही नहीं
 
इश्क है और इश्क पे जाँ भी निसार
कमबख्त जाँ है की निकलती ही नहीं

Saturday, April 27, 2013

आया






कभी कभी ऐसा भी होता है कि अपना दुःख हर एक के दुःख से ज्यादा महसूस होता है कि बस ख़ामोशी से अपने अंदर उतरते हुए अँधेरे को महसूस करने का मन करता है .......

हमें जिंदगी जीने का सलीका ना आया
मगर जिंदगी ने हमे हर बार आजमाया

भूल चुके जब हम सब माज़ी के किस्से
दुश्मने जां फिर मेरा दिल दुखाने आया

था साथ उसके इक नया हमसफर
होकर पराया हमसे हमको जलाने आया

Saturday, March 2, 2013

ये कैसा मौसम है जो टलता ही नही


रंजो गम का सूरज ढलता ही नही
ये दर्द का मंजर बदलता ही नही

यहाँ हर सू है दर्दो गम के अँधेरे
कोई रोशन चराग जलता ही नही 

नए तूफान का आगाज़ है शायद
ये कैसा मौसम है जो टलता ही नही 





Monday, December 31, 2012

धुँआ धुँआ

 

7599693-girl--smoke-effect

धुँआ धुँआ है जिंदगी,धुँआ धुँआ है समां

आँखों में छाई ऐसी नमी खो गया जहां 

 

तुम ही कहो कैसे जिए ये चाक गिरेबा कैसे सीए

रहते है साथ साथ मगर , फासले है दरमियां

 

प्यारा ये चेहरा तेरा,तू धड़कन कि तमन्ना है

बस तुही रहे सामने चाहे छूट जाये ये कारवां

 

बेजान जिस्म, जख्मी रूह और दिल है परेशां

ऐसे में अब इस दिल को सब्र आएगा कहां

 

 कैसे यकीं करू की सनम तुम हो बेवफा

अब ओर न लो तुम मेरे इश्क का इम्तहां

Monday, December 10, 2012

याद किया



आज फिर  इस तरह  तुम्हे याद किया
हमने  अपने आप  खुद को बर्बाद किया

तब मिला मुझको मेरी वफाओं का सिला
प्यार के रिश्ते से जब तुझको आजाद किया

चार दिन की जिंदगी क्या दुश्मनी क्या रंजिशें
हमने दुश्मनों से अपनी दोस्ती को आबाद किया

उसने भी मुजरिम समझा और फेर ली आँखे
हमने तो कई बार उसके दर पर फरियाद किया