Saturday, April 27, 2013
आया
Saturday, March 2, 2013
Monday, December 31, 2012
धुँआ धुँआ
धुँआ धुँआ है जिंदगी,धुँआ धुँआ है समां
आँखों में छाई ऐसी नमी खो गया जहां
तुम ही कहो कैसे जिए ये चाक गिरेबा कैसे सीए
रहते है साथ साथ मगर , फासले है दरमियां
प्यारा ये चेहरा तेरा,तू धड़कन कि तमन्ना है
बस तुही रहे सामने चाहे छूट जाये ये कारवां
बेजान जिस्म, जख्मी रूह और दिल है परेशां
ऐसे में अब इस दिल को सब्र आएगा कहां
कैसे यकीं करू की सनम तुम हो बेवफा
अब ओर न लो तुम मेरे इश्क का इम्तहां
Monday, December 10, 2012
Wednesday, December 5, 2012
( गाँव की बोली)
दूर कही गाँव में
पीपल की छांव में
बच्चे खेल रहे है गोली
याद आती है मासूम ठिठोली
खेतों खलिहानो में
गलियों मैदानों में
दौड रही है फगुओ की टोली
याद आती है गांव की होली
तीजो त्योहारों में
गलियों चौबारो में
भाभी बनाती है रंगोली
याद आये दुल्हनियां की डोली
अमवा की डाली में
बेरी की झाडी में
लुक छिप जाते हमजोली
आज सुधि की पिटारी है खोली
Friday, November 30, 2012
अहिस्ता आहिस्ता
मिले जब मुझको ऐसे गम अहिस्ता आहिस्ता
हुई तब आँख मेरी पुरनम अहिस्ता आहिस्ता
छोड दिया जब साथ मेरा साये ने
नाजाने होगई कहा मै गुम अहिस्ता आहिस्ता
जुबा से तो कुछ भी निकलता नहीं
फिर भी तन्हाई गाती है हरदम अहिस्ता आहिस्ता
लहू दिल का उतर है मेरी आँख मे
युही बेवजह मुस्कुराये जाते है हम अहिस्ता आहिस्ता
आपकी याद है दिल का चैन जाना
पर आपको भुलाये जाते है हमदम अहिस्ता आहिस्ता
दिल में उठते गुबार से मायूस न हो
सहरा को गुलजार बनाये जाते है हम अहिस्ता आहिस्ता
Sunday, November 25, 2012
दिल को मेरे पत्थर का न बनाओ ऐसे
तुम इल्जाम मुझ पर न लगाओ ऐसे
दिल को मेरे पत्थर का न बनाओ ऐसे
मेरा जिगर तार तार हुआ है कई बार
की दिल पर न चोट लगाओ ऐसे
कुछ रंज मुझको पहले ही घेरे हुए है
तुम मुझको हर बार न सताओ ऐसे
शबो रोज याद कर के उस बेवफा को
अब चैन दिल का न तुम गवाओ ऐसे
कहा जाऊ मै अपना जख्मे जिगर लेके
कि खुद को मै दुनिया से छिपाऊ कैसे


